वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा को निशाना बनाया है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर ओबामा की गिरफ्तारी का एक एआई वीडियो पोस्ट करते हुए कैप्शन में लिखा, “कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।”
यह वीडियो ऐसे समय में आया है जब ट्रंप प्रशासन 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में ओबामा पर धांधली का आरोप लगाता रहा है।
ट्रंप द्वारा पोस्ट किए गए इस एआई वीडियो में दिखाया गया है कि पूर्व राष्ट्रपति ओबामा खुद कहते हैं, “कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।” यह कथन राष्ट्रपति को निशाना बनाकर कहा गया प्रतीत होता है। इसके बाद वीडियो में कई पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति और राजनेता भी यही वाक्य दोहराते हुए दिखाए गए हैं।
वीडियो में दिखाया गया है कि ओबामा व्हाइट हाउस के कार्यालय में ट्रंप के साथ बैठे होते हैं, तभी दो एफबीआई एजेंट आते हैं और ओबामा को हथकड़ी लगानी शुरू कर देते हैं। फिर उन्हें घसीटते हुए बाहर ले जाते हैं। इस दौरान ट्रंप बगल में बैठकर हंसते हुए नजर आते हैं।
इसके बाद ओबामा को नारंगी रंग की जेल यूनिफॉर्म (जम्पसूट) में जेल के अंदर ले जाते हुए दिखाया गया है, जहां वे उदास बैठे होते हैं।
ट्रंप ने इस वीडियो को काल्पनिक (फर्जी) बताने वाला कोई अस्वीकरण (डिस्क्लेमर) जारी नहीं किया है। हालांकि, बहुत से लोगों ने ट्रंप की इस हरकत की आलोचना की है।
ओबामा पर धोखाधड़ी का आरोप
अमेरिकी खुफिया एजेंसी की पूर्व प्रमुख और हाल ही में ट्रंप प्रशासन में शामिल हुईं पूर्व कांग्रेस सदस्य तुलसी गब्बार्ड ने 2016 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर ओबामा प्रशासन पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।
गब्बार्ड का कहना है कि पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनके शीर्ष अधिकारियों ने जानबूझकर ट्रंप की वैध जीत पर संदेह पैदा करने के लिए रूसी हस्तक्षेप की झूठी कहानी गढ़ी। उन्होंने इस मामले में आपराधिक जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
गब्बार्ड ने पूर्व डीएनआई जेम्स क्लैपर, सीआईए निदेशक जॉन ब्रेनन, और एफबीआई निदेशक जेम्स कॉमी पर झूठी खुफिया रिपोर्ट तैयार करने का आरोप लगाया है।
उन्होंने इसे देशद्रोह की साजिश करार दिया है और कहा है कि यह सब ट्रंप को कमजोर करने के लिए रची गई लंबे समय से चली आ रही गहरी साजिश का हिस्सा था।
Ask ChatGPT






